Arz Hai
i.
हमने देखे है लाख ख्वाब
आपकी निगाहो मे
मगर देखा नहीं कभी उनमे
प्यार की हसीन मुस्कुरहट
ii.
वो जो आवाज़ सुनी थी
हमने कल शाम को
आज पता चला की वो
थी आप की दिल्लगी हमारी बदसूरती पर
i.
हमने देखे है लाख ख्वाब
आपकी निगाहो मे
मगर देखा नहीं कभी उनमे
प्यार की हसीन मुस्कुरहट
ii.
वो जो आवाज़ सुनी थी
हमने कल शाम को
आज पता चला की वो
थी आप की दिल्लगी हमारी बदसूरती पर